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बागवानी कृषि और पशुपालन के लिए सितंबर महीना September month for agriculture horticulture animal husbandry

सितंबर का महीना खेती, बागवानी और पशुपालन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस महीने में खरीफ की फसलों की कटाई और रबी की फसलों की बुवाई शुरू हो जाती है। आइए, विस्तार से जानते हैं कि सितंबर में कौन सी फसलें, सब्जियां और पौधे लगाए जा सकते हैं: सितंबर के महीने में कई तरह की सब्जियां उगाई जा सकती हैं जो सर्दियों में अच्छी पैदावार देती हैं। यहाँ कुछ मुख्य सब्जियों की सूची दी गई है जिन्हें आप सितंबर में उगा सकते हैं:  * पत्ता गोभी और फूल गोभी: यह ठंडे मौसम की सबसे लोकप्रिय सब्जियां हैं। सितंबर में इनकी पौध (सैप्लिंग) तैयार करके खेतों में रोपाई की जाती है।  * गाजर: गाजर की बुवाई सीधे क्यारियों में की जाती है। यह ठंडी जलवायु में अच्छी तरह से बढ़ती है।  * मूली: मूली भी गाजर की तरह सीधी बोई जाती है और यह कम समय में तैयार हो जाती है।  * शलजम: यह एक जड़ वाली सब्जी है जिसे सितंबर में आसानी से उगाया जा सकता है।  * पालक: यह एक पत्तेदार सब्जी है जो बहुत जल्दी उगती है और कई बार काटी जा सकती है।  * मेथी: मेथी के बीज भी सीधे बोए जाते हैं। यह भी एक पत्तेदार सब्जी है जो स्वास्थ्य के लि...

खेत के लिए ऑर्गेनिक खाद कैसे बनाएं Organic fertilizer for agriculture farming

 खेत के लिए ऑर्गेनिक खाद कैसे बनाएं kaise taiyar karen खेत के लिए ऑर्गेनिक खाद बनाना एक बहुत ही अच्छा तरीका है। इससे मिट्टी की सेहत सुधरती है और फसल की गुणवत्ता भी बढ़ती है। ऑर्गेनिक खाद कई तरह से तैयार की जा सकती है, लेकिन यहाँ हम तीन मुख्य तरीकों के बारे में बात करेंगे जो सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होते हैं। 1. गोबर की खाद (कम्पोस्ट खाद) यह सबसे पुराना और प्रचलित तरीका है। इसमें गोबर, सूखे पत्ते, फसल के अवशेष और अन्य जैविक कचरे को एक जगह इकट्ठा करके सड़ाया जाता है। सामग्री:  * गाय या भैंस का गोबर  * फसल के अवशेष (पराली, भूसा, डंठल)  * सूखे पत्ते और घास  * किचन का जैविक कचरा (सब्जियों के छिलके)  * मिट्टी और पानी बनाने का तरीका:  * खेत में एक गड्ढा खोदें (लगभग 3 मीटर लंबा, 2 मीटर चौड़ा और 1 मीटर गहरा)।  * गड्ढे की निचली सतह पर थोड़ी सी मिट्टी डालें, फिर पानी का छिड़काव करके उसे नम कर लें।  * अब इसमें एक परत फसल के अवशेष और सूखे पत्तों की बिछाएं।  * इसके ऊपर गोबर की एक परत डालें।  * यह प्रक्रिया तब तक दोहराते रहें जब तक गड्ढा पूरी तरह न भ...

खेत के लिए ऑर्गेनिक कीटनाशक कैसे बनाएं Organic pesticides for agriculture

गो-कृपा अमृत की तरह ही, प्राकृतिक खेती में लस्सी (छाछ), तांबा (कॉपर) और लोहा (आयरन) का उपयोग करके एक शक्तिशाली जैविक मिश्रण तैयार किया जाता है, जो मुख्य रूप से फफूंदनाशक (Fungicide) और आंशिक रूप से कीटनाशक के रूप में काम करता है। यह विधि खट्टी छाछ और तांबे के मिश्रण पर आधारित है, जिसमें लोहे को शामिल करने से इसकी प्रभावशीलता बढ़ जाती है। 🍶 200 लीटर जैविक कीटनाशक/फफूंदनाशक बनाने की विधि यह घोल 200 लीटर पानी के साथ मिलाकर छिड़काव के लिए पर्याप्त होगा। 🛠️ आवश्यक सामग्री (200 लीटर घोल के लिए) | सामग्री | आवश्यक मात्रा (लगभग) | उद्देश्य  | पुरानी/खट्टी छाछ (लस्सी) | 5 से 10 लीटर | फफूंदनाशी (Antifungal) गुण प्रदान करना | | तांबे का टुकड़ा | 50 से 100 ग्राम (जैसे तार या प्लेट) | छाछ के साथ क्रिया करके कवकनाशी यौगिक बनाना | | लोहे का टुकड़ा | 50 से 100 ग्राम (जैसे पुराने कील) | लोहे के सूक्ष्म पोषक तत्व प्रदान करना | | नीम के पत्ते (वैकल्पिक) | 1 से 2 किलोग्राम | मिश्रण की कीटनाशक क्षमता बढ़ाना 🧪 बनाने की प्रक्रिया  * छाछ जमा करना: एक प्लास्टिक के ड्रम में 5 से 10 लीटर कम से कम 3 ...

Prakrutik ऑर्गेनिक खेती के लिए जीवामृत Jivamrit Bhumi ke liye vardan

जीवामृत, जिसे "जीवों का अमृत" भी कहते हैं, एक बेहद असरदार जैविक खाद है जो प्राकृतिक खेती में मिट्टी की उर्वरता और पौधों के स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होती है। इसे बनाना काफी आसान है और यह कम लागत में तैयार हो जाती है। जीवामृत बनाने की विधि यह मात्रा एक एकड़ जमीन के लिए पर्याप्त होती है। सामग्री:  * देसी गाय का गोबर: 10 किलो (जितना ताजा हो उतना अच्छा)  * देसी गाय का गोमूत्र: 5-10 लीटर  * गुड़: 1-2 किलो (मीठे फल या गन्ने का रस भी ले सकते हैं)  * बेसन: 1-2 किलो (किसी भी दाल का आटा, जैसे चना, अरहर)  * बरगद या पीपल के पेड़ के नीचे की मिट्टी: 1 मुट्ठी या 1 किलो (ऐसी जगह की मिट्टी जहाँ कभी रासायनिक खाद का इस्तेमाल न हुआ हो)  * पानी: 180-200 लीटर बनाने की प्रक्रिया:  * एक बड़े प्लास्टिक के ड्रम या सीमेंट की टंकी में 200 लीटर पानी डालें।  * अब इस पानी में 10 किलो ताजा गोबर, 5-10 लीटर गोमूत्र, 1-2 किलो गुड़ और 1-2 किलो बेसन अच्छी तरह मिला लें।  * आखिर में, बरगद या पीपल के पेड़ के नीचे की मिट्टी को भी इस मिश्रण में मिला दें। यह मिट्टी जीवाणुओं ...

खेती-बाड़ी के काम में आने वाले जुगाड़ सस्ते उपाय Kheti ke kam aane wale jugaad

जुगाड़ करके पोली हाउस सस्ते में कैसे बनाया जाए  https://youtube.com/shorts/xPs5m-7CsUk?si=3Le6X1zySLnwsvTj मक्की के दाने कैसे निकलें ठंडे की बोतल के ढक्कन से जुगाड  https://www.instagram.com/reel/DPq0D-sAXq5/?igsh=MWhnbHN2djlnMGI2OQ== एक ही प्रकार की सभी से सभी प्रकार के नट खोल सकते हैं तीन सूत चार सूत  https://www.facebook.com/share/r/16G3L2k3Ko/ मूली शलगम चुकंदर गाजर बोन का देशी जुगाड़  https://youtube.com/shorts/uKd0v2IEs8g?si=u8d6nyvUSc7HniCK कैसे हम किचन का वेस्ट मैनेजमेंट कर सकते हैं  यह काम भी किया जा सकता है और इसके लिए हम कुम्हार से खराब मटके लेकर आ सकते हैं https://www.instagram.com/reel/DSRansAk6Io/?igsh=MWY5dXpjNG9qNzJrMA== खेत में राख प्रयोग करने के फायदे खेत में राख का उपयोग कैसे करें https://youtu.be/wr_Im2fQZh4?si=IujjwsPqzjwimTqO खाली बोतल को  कैसे प्रयोग करें  https://youtube.com/shorts/jAivFXFfQRM?si=xgALydCsm_RKdFYI खेती-बाड़ी के काम में आने वाले जुगाड़ सस्ते उपाय Kheti ke kam aane wale jugaad

लेखक के बारे में About the author Ramu Kavi Kisan Nachar Khera अबाउट द ऑथर

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लेखक रामू कवि किसान नचार खेड़ा जींद से संबंधित संपूर्ण जानकारी के लिए निचे दिए लिंक पर क्लिक करें  https://ramukavikissan.blogspot.com/2018/01/ramu-kavi-kissan-biography-ramniwas.html?m=1 मायरा के साथ 17 मई 2025

मशरूम की खेती किस संपूर्ण जानकारी Complete information about mushroom cultivation

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मशरूम की खेती की संपूर्ण जानकारी मशरूम की खेती एक लाभदायक व्यवसाय है, जिसे कम जगह और कम लागत में शुरू किया जा सकता है। सही जानकारी और देखभाल के साथ यह व्यवसाय अच्छा मुनाफा दे सकता है। 1. मशरूम की खेती शुरू करने का सही समय मशरूम की खेती का मौसम इसकी किस्म पर निर्भर करता है: अगर आपके पास नियंत्रित वातावरण (कंट्रोल्ड एनवायरनमेंट) है तो पूरे साल खेती कर सकते हैं। --- 2. खेती की तैयारी कैसे करें? (A) स्थान का चुनाव: मशरूम की खेती के लिए हवादार और छायादार जगह चुनें। तापमान और नमी को नियंत्रित करने के लिए ग्रीनहाउस या कमरे का उपयोग करें। जगह पर अधिक धूप न पड़े और हवा का आवागमन बना रहे। (B) आवश्यक उपकरण: बांस या लकड़ी की रैक (शेल्व्स) प्लास्टिक शीट नमी बनाए रखने के लिए स्प्रे सिस्टम थर्मामीटर और ह्यूमिडिटी मीटर (C) खाद (सब्सट्रेट) की तैयारी: मशरूम की खेती के लिए विशेष खाद तैयार करनी होती है, जिसे "कम्पोस्ट" कहते हैं। बटन मशरूम के लिए कम्पोस्ट तैयार करने के चरण: 1. गेहूं या धान का भूसा, गोबर, यूरिया, जिप्सम और पानी मिलाएं। 2. इसे ढेर में रखकर 15-20 दिन तक सड़ने दें और हर 4 दिन बाद पलट...